आपसे दूर भला हम कैसे रह पाते, दिल से आपको कैसे भुला पाते, काश कि आप इस दिल के अलावा आईने में भी रहते, देखते जब आइना खुद को देखने को तो वहाँ भी आप ही नज़र आते.
खामोश चेहरेपर हजारों पहरे होते है हंसती आखों में भी जख्म गहरे होते है... जिनसे अक्सर रुठ जाते है हम असल में उनसे ही रिश्ते गहरे होते है... Shayari Jagat
अपनी तो ज़िन्दगी है अजीब कहानी है , जिस चीज़ की चाह है वो ही बेगानी है , हँसते भी है तो दुनिया को हँसाने के लिए , वरना दुनिया डूब जाये इन आखों में इतना पानी है।
Bahut hi badhiya shayari hai. Thanks
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