आपसे दूर भला हम कैसे रह पाते, दिल से आपको कैसे भुला पाते, काश कि आप इस दिल के अलावा आईने में भी रहते, देखते जब आइना खुद को देखने को तो वहाँ भी आप ही नज़र आते.
अपनी तो ज़िन्दगी है अजीब कहानी है , जिस चीज़ की चाह है वो ही बेगानी है , हँसते भी है तो दुनिया को हँसाने के लिए , वरना दुनिया डूब जाये इन आखों में इतना पानी है।
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